जिंदगी अपनी है, संवार दिया करो
विचार:
मैं समझता हूं कि जीवन-धन से बड़ा कोई धन नहीं। हमें जीवन को बहुत महत्व देने की जरूरत है। वैसा महत्व, एक शानदार जीवन जी की कर ही प्राप्त किया जा सकता है,
जिसका उल्लेख मैंने अपनी इस कविता में करने का प्रयास किया है।
कविता की कुछ मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं :
मेरी यह कविता हमें जिंदगी को सही तरीके से जीने के लिए प्रेरित करती है और हमें अपने जीवन के उद्देश्य को समझने में मदद करेगी - ऐसा ही हो।
बेखबर हो अपने आप से, अपना खबर ले लिया करो,
अपनी जिंदगी को शानदार बनाने, इसका जायजा लिया करो,
सो मत जाना, जिंदगी तो एक दिन तुम्हें सुला ही देगी,
जितना दिन है, अपनी आंखों से अपनी जिंदगी निहार लिया करो ।।
जिंदगी क्षणभंगुर है, इसकी हिफाज़त किया करो,
सोने से पहले, अपने मन का मैल झाड़ लिया करो,
उठते ही सुबह, सत्य की कंघी फेर लिया करो,
हर नयी सुबह से पहले, अपना गुरुर खूंटे पर टांग दिया करो।।
लूट लेने को बेताब है, झूठ फरेब,
फांसने को मायाजाल,
अपनी जिंदगी है, बचाने की खातिर, उन्हें दफना दिया करो,
जिंदगी अपनी है, बचानी है, तो जिंदगी से प्यार कर लिया करो ।।
सोते क्यों हो, सोना अनंत, इस जिंदगी के बाद है,
उठो अपनी जिंदगी, शानदार बना लिया करो,
सोचते क्या हो, रात होने से पहले उजाला कर दिया करो,
रात और दिन सत्य की राह नाप कर, एक कर दिया करो ।।