आओ रामराज बसाएं
सारांश: मेरी यह कविता रामराज की कल्पना को वास्तविकता में बदलने की बात करती है। मैंने प्रेम, करुणा, न्याय, और समानता जैसे महत्वपूर्ण मूल्यों को शामिल करके एक आदर्श समाज के दर्शन का आह्वान किया है। इस कविता में देश को नई ऊंचाई पर बिठाने, भविष्य को बेहतर बनाने, और आने वाली पीढ़ी के लिए समृद्धि का निर्माण करने का अद्भुत संदेश छपा है।
कविता का मुख्य संदेश यह है कि हमें एक आदर्श समाज के निर्माण के लिए काम करना चाहिए, जहां प्रेम, करुणा, न्याय, और समानता का राज्य हो।
आओ रामराज बसाएं, देश को एक नई ऊंचाई पर बिठाएं,
आओ रामराज बसाएं, प्रेम दया क्षमा शांति करुणा अपनाएं,
आओ रामराज बसाएं, न्याय समता का अधिकार दिलाएं।
आओ रामराज बसाएं, अपने पीढ़ी को समृद्ध बनाएं,
आओ रामराज बसाएं, आदर्श समाज का पुल बिछाएं।
आओ रामराज बसाएं, ये मेरी कल्पना है,
आओ रामराज बसाएं, ये आपकी कल्पना है,
आओ रामराज बसाएं, कल्पना को हकीकत बनाएं।
आओ रामराज बसाएं, जगत में खुब नाम कमाएं,
आओ रामराज बसाएं, एक नयी पहचान बनाएं।
आओ-आओ हम सब मिलकर ऐसा रामराज बसाएं,
आओ रामराज बसाएं, जहां प्रेम और करुणा का राज्य हो,
जहां न्याय और समानता का अधिकार हो,
आओ रामराज की कल्पना को हकीकत में बदलकर,
एक नए युग की शुरुआत करें, और प्रेम और शांति का जीवन बीताएं।