आओ जाने, हिटलर पहचाने
विचार:
मेरे विचार से हिटलर की मानसिकता को समझना हर इंसान के लिए जरूरी है। हिटलर की विचारधारा और कार्यों का प्रभाव विश्व इतिहास पर बहुत गहरा है, और उसके बारे में जानना और समझना बहुत महत्वपूर्ण है।
कोई ऐसा इंसान नहीं जिसने शायद ही हिटलर का नाम न सुना हो। मैं इस कविता के माध्यम से हिटलर के दुराचरणों को स्पष्ट करने की कोशिश करूंगा।
मुझे लगता है कि मेरी यह कविता केवल अतीत के बारे में ही नहीं, बल्कि यह वर्तमान और भविष्य के लिए एक नैतिक और व्यवहारिक मार्गदर्शक है।
हिटलर दिखवा करता है, झूठी शान में रहता है,
उसका एहसान मत लेना, तुम्हारा नुकसान वो करता है।।
हिटलर गुलछर्रे उड़ाता है, खूब डींग हांकता है,
बखूब जुमलेबाजी करता है, आसानी से गुमराह करता है।।
हिटलर शासन करता हे, तानाशाही उसे भाता है,
सब कुछ तबाह करता है, बस अपना किला गढ़ता है।।
हिटलर अपनी धून में रहता है, किसी की वो ना सुनता है,
गिड़गिड़ाते रहे जाते भले दुखियारे, वह अपनी ही राह चलता है।।
हिटलर पावर दिखाता है, सब पर धाक जमाता है,
हिटलर काबिज़ होता है, नाक पे दम वो करता है।।
हिटलर फिराक में रहता है, सब से संपर्क करता है,
धूल झोंकने में माहिर, सब कुछ ताख पर रखता है।।
हिटलर जहां भी जाता है, खूब वाहवाही करवाता है,
भोले-भाले लोगों को वह, अपना शिकार बनाता है।।
हिटलर कम पढ़ अनपढ़ हैं, अनपढ़ ही उसे भाता है,
जहां भी भाषण देता है, अनपढ़ ही ताली बजाता है।।
हिटलर नाम हिट है, काम उसका अनफिट है,
बालू में वह घर बनाता, देखते देखते ढह जाता।।
हिटलर मासूम बनता है, लोगों को खूब ठगता है,
लीपा-पोती में माहिर, एक दिन भेद खुलता है।।
हिटलर का ऐसा आचरण है, उसका पहचान जरूरी है,
पहचान लो तो बच सकोगे, उसकी छाया में मायूसी है।।
हिटलर एक इतिहास है, इतिहास दोहराया जाता है,
हमको जागरूक रहना है, हिटलर फिर जाग सकता है।